पाइथागोरस थ्योरम (प्रमेय) (Pythagorean theorem) क्या है?

पाइथोगोरस प्रमेय (Pythagorean theorem) या बोधायन सूत्र गणित और ज्यामिति का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है, जिसका उपयोग समकोण त्रिभुजों में भुजाओं की लंबाई ज्ञात करने के लिए किया जाता है। यह कहता है कि:

एक समकोण त्रिभुज में, समकोण के सामने वाली भुजा (कर्ण) का वर्ग अन्य दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होता है।

यदि एक समकोण त्रिभुज की दो भुजाएँ a और b हैं, और कर्ण c है, तो प्रमेय निम्न समीकरण द्वारा दर्शाया जाता है:

a² + b² = c²

( कर्ण )2 = ( आधार )2 + ( लम्ब )2

पाइथोगोरस प्रमेय का आविष्कार प्राचीन यूनानी गणितज्ञ पाइथोगोरस को दिया जाता है, हालांकि इसी तरह के सिद्धांत पहले भी अन्य सभ्यताओं द्वारा ज्ञात थे। इसका व्यापक रूप से विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है, जिसमें शामिल हैं:

  • भवन निर्माण और वास्तुकला: समकोण त्रिभुजों का उपयोग करके संरचनाओं के कोणों और दूरी की गणना करना।
  • भूमि सर्वेक्षण: क्षेत्रफल और दूरी की गणना करना।
  • त्रिकोणमिती: अन्य त्रिकोणमितीय कार्यों को परिभाषित करने के लिए साइन, कोसाइन और स्पर्शरेखा के मूल्यों की गणना करना।
  • कंप्यूटर ग्राफिक्स: 3D ग्राफिक्स में दूरी और कोणों की गणना करना।