प्लास्टिक प्रदूषण (Plastic Pollution)

प्लास्टिक से बनी वस्तुओं का जमीन या जल में इकट्ठा होना प्लास्टिक प्रदूषण (Plastic Pollution) कहलाता है। इससे वन्य जंतुओं या मानवों के जीवन पर बुरा प्रभाव पड़‌ता है।

प्लास्टिक के प्रकार (Types of Plastic)

सूक्ष्म प्लास्टिक अथवा माइक्रोबीड्स (Micro Plastic or Microbeads)

  • 5 मिलीमीटर या उससे कम आकार की प्लास्टिक के अंश या रेशे सूक्ष्म प्लास्टिक या माइक्रोबीड्स कहलाते हैं।
  • इनका निर्माण पॉलीथीन, पॉली प्रोपीलीन, पॉलीथिलीन टेरेफ्थेलेट और नायलॉन से होता है।
  • इनका प्रयोग फेसवॉश, बॉडीलोशन, टूथपेस्ट, साबुन, स्क्रब जैसे उत्पादों में होता है। ये अजैवनिम्नीकरणीय होते हैं।
  • ये सीवर से बहकर सागरों व महासागरों में पहुँच जाते हैं जिससे समुद्री पारितंत्र को खतरा उत्पन्न हो जाता है।

दीर्घ प्लास्टिक (Macro Plastic)

  • 5 मिलीलीटर से अधिक तथा 20 मिलीलीटर से कम आकार की प्लास्टिक के अंश दीर्घ प्लास्टिक कहलाते हैं।
  • दीर्घ प्लास्टिक के अंश भी समुद्री पारितंत्र के लिये अत्यधिक हानिकारक हैं।

प्लास्टिक प्रदूषण का प्रभाव (Effects of Plastic Pollution)

प्लास्टिक प्रदूषण का प्रभाव मानव, जलीय जीव, भूमि तथा पर्यावरण पर पड़ता है।

पर्यावरण पर प्रभाव (Impact on Environment)

प्लास्टिक मलबा हवा, समुद्री तरंग, व्यापार मार्ग, शहरी क्षेत्र आदि के कारण अत्यधिक बढ़ रहा है।

भूमि पर प्रभाव (Impact on Land)

  • प्लास्टिक प्रदूषण भूमि पर रासायनिक एवं भौतिक दोनों कारणों से होता है।
  • प्लास्टिक भूमि की उर्वरा शक्ति में कमी करता है।
  • प्लास्टिक युक्त मिट्टी में उर्वरता कम होती है क्योंकि यह खनिज, जल, पोषक तत्त्वों के अवशोषण में अवरोधक का कार्य करता है।
  • प्लास्टिक, लैंड स्लाइड का कारक भी है।

जल एवं वायु पर प्रभाव (Impact on Air and Water)

  • प्लास्टिक के दहन से बहुत-सी जहरीली गैसें वायुमंडल में पहुँचती हैं, जैसे- कार्बन मोनोऑक्साइड, डाइऑक्सीन (Dioxin), हाइड्रोजन साइनाइड।
  • प्रदूषित वायु श्वसन, तत्रिका-तंत्र तथा इम्यून क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डालती है।
  • पानी में प्लास्टिक युक्त कचरा डालने पर यह आसानी से मनुष्य के खाद्य जाल में पहुँच जाता है और मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है।
  • इस प्रकार का कचारा पानी के बहाव को रोककर बाढ़, गंदगी आदि अन्य समस्याओं को जन्म देता है।

समुद्री पर्यावरण पर प्रभाव (Impact on Marine Environment)

  • प्लास्टिक मलबे का प्रभाव समुद्री पारितंत्र पर भी पड़ता है। बहुत-से जलीय पक्षी व जंतु प्लास्टिक के अंतर्ग्रहण से मर जाते हैं।
  • पक्षी, कछुए, सील एवं व्हेल आदि द्वारा प्लास्टिक को भोजन समझकर खा लिया जाता है जिससे यह उनके शरीर में अटक जाता है और पर विषैला प्रभाव डालता है।
  • समुद्री कछुए फेंके हुए जाल में उलझ जाते हैं। साथ ही प्लास्टिक मलबे के पेट में जाने से उनकी मृत्यु हो जाती है।

मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव (Impact on Human Health)

  • प्लास्टिक में मौजूद विषैले रसायन मस्तिष्क समस्या, कैंसर, जन्मजात विकृति, आनुवंशिक परिवर्तन, थाइरॉइड समस्या, पाचन तंत्र से संबंधित बीमारियाँ उत्पन्न कर सकते हैं।
  • प्लास्टिक में अंतःस्रावी समस्या पैदा करने वाले रसायन (Endocrine Disrupting Chemicals) मौजूद होते हैं जो मोटापा व डायबिटीज़ का कारण बनते हैं।
  • प्लास्टिक में मौजूद Phthalates एवं Bisphenol A मानव में कैंसर उत्पन्न करते हैं।
  • Bisphenol A (BPA), महिलाओं के हृदय को प्रभावित कर सकता है तथा चूहे के DNA को खराब कर सकता है।