जैव भू रासायनिक चक्र

जैव-भू-रासायनिक चक्र, वे मार्ग हैं जिनके द्वारा रासायनिक तत्व पृथ्वी के वायुमंडल, जलमंडल और स्थलमंडल के बीच घूमते हैं। इन चक्रों को जैविक और अजैविक दोनों प्रक्रियाओं द्वारा संचालित किया जाता है। .

कुछ महत्वपूर्ण जैव-भू-रासायनिक चक्र निम्नलिखित है:

जल चक्र

जल चक्र वह मार्ग है जिसके द्वारा पानी पृथ्वी की सतह, वायुमंडल और महासागरों के बीच घूमता है। सूर्य के ताप से पानी का वाष्पीकरण होता है, जिससे जल वाष्प बनता है। जल वाष्प वायुमंडल में उठता है, जहां यह बादलों में संघनित होता है। बारिश, बर्फ या ओलावृष्टि के रूप में पानी जमीन पर वापस गिरता है। पानी जमीन पर बहता है, नदियों और धाराओं को बनाता है। पानी अंततः महासागरों में वापस आ जाता है, जहां चक्र फिर से शुरू होता है।

कार्बन चक्र

कार्बन चक्र वह मार्ग है जिसके द्वारा कार्बन परमाणु वायुमंडल, महासागरों, भूमि और जीवित चीजों के बीच घूमते हैं। प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से, पौधे वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और इसे ग्लूकोज में बदलते हैं। श्वसन के माध्यम से, पौधे और जानवर ग्लूकोज को कार्बन डाइऑक्साइड में वापस छोड़ देते हैं। जीवाश्म ईंधन के जलने से भी वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड निकलता है।

नाइट्रोजन चक्र

नाइट्रोजन चक्र वह मार्ग है जिसके द्वारा नाइट्रोजन परमाणु वायुमंडल, भूमि और जीवित चीजों के बीच घूमते हैं। वायुमंडल पृथ्वी का सबसे बड़ा नाइट्रोजन जलाशय है। नाइट्रोजन-फिक्सिंग बैक्टीरिया वायुमंडलीय नाइट्रोजन को अमोनिया में बदल सकते हैं, जिसका उपयोग पौधे प्रोटीन बनाने के लिए कर सकते हैं। जानवर भोजन खाने से प्रोटीन प्राप्त करते हैं। मृत पौधों और जानवरों के अपघटन से नाइट्रोजन मिट्टी में वापस आ जाता है। डिनाइट्रिफाइंग बैक्टीरिया मिट्टी से नाइट्रोजन गैस को वायुमंडल में वापस छोड़ सकते हैं।

नाइट्रोजन चक्र के मुख्य चरण:

  • नाइट्रोजन स्थिरीकरण: कुछ जीवाणु वायुमंडलीय नाइट्रोजन (N2) को अमोनिया (NH3) में बदलते हैं।
  • नाइट्रिफिकेशन: अमोनिया (NH3) नाइट्राइट (NO2-) और फिर नाइट्रेट (NO3-) में बदल जाता है।
  • नाइट्रोजन आत्मसात: पौधे नाइट्रेट (NO3-) को अवशोषित करते हैं और इसका उपयोग प्रोटीन और अन्य यौगिकों को बनाने के लिए करते हैं।
  • नाइट्रोजन विमोचन: मृत पौधों और जानवरों के अपघटन से नाइट्रोजन मिट्टी में वापस आ जाता है।
  • डिनाइट्रिफिकेशन: कुछ जीवाणु मिट्टी से नाइट्रेट (NO3-) को वायुमंडलीय नाइट्रोजन (N2) में बदलते हैं।

नाइट्रोजन चक्र के महत्व:

  • नाइट्रोजन चक्र पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक है क्योंकि यह प्रोटीन के निर्माण के लिए आवश्यक नाइट्रोजन प्रदान करता है।
  • नाइट्रोजन चक्र वायुमंडल में नाइट्रोजन के स्तर को नियंत्रित करता है।
  • नाइट्रोजन चक्र अन्य जैव-भू-रासायनिक चक्रों, जैसे कि कार्बन चक्र से जुड़ा हुआ है।

नाइट्रोजन चक्र को प्रभावित करने वाले कारक:

  • मानवीय गतिविधियां, जैसे कि कृत्रिम उर्वरक का उपयोग, वायुमंडल में नाइट्रोजन के स्तर को बढ़ा रही हैं। यह जल प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग में योगदान देता है।
  • वनों की कटाई मिट्टी में नाइट्रोजन के स्तर को कम कर रही है।
  • प्रदूषण मिट्टी और पानी में नाइट्रोजन के स्तर को कम कर रहा है।

नाइट्रोजन चक्र को संरक्षित करने के तरीके:

  • कृत्रिम उर्वरक के उपयोग को कम करना
  • वनों की कटाई को रोकना
  • प्रदूषण को कम करना

ऑक्सीजन चक्र

ऑक्सीजन चक्र वह मार्ग है जिसके द्वारा ऑक्सीजन परमाणु पृथ्वी के जीवमंडल, वायुमंडल, जलमंडल और स्थलमंडल के बीच घूमते हैं। यह चक्र जैविक और अजैविक दोनों प्रक्रियाओं द्वारा संचालित होता है।

ऑक्सीजन चक्र के मुख्य चरण:

  • प्रकाश संश्लेषण: वनस्पतियां और कुछ बैक्टीरिया सूर्य के प्रकाश का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड और पानी को ग्लूकोज और ऑक्सीजन में बदलते हैं।
  • श्वसन: सभी जीवित चीजें ऊर्जा उत्पादन के लिए ऑक्सीजन का उपयोग करती हैं और कार्बन डाइऑक्साइड को छोड़ती हैं।
  • अपघटन: मृत पौधों और जानवरों के अपघटन से ऑक्सीजन का उपयोग होता है और कार्बन डाइऑक्साइड वापस वायुमंडल में निकलता है।
  • शारीरिक प्रक्रियाएं: ज्वालामुखी विस्फोट और चट्टानों का अपक्षय जैसी भूवैज्ञानिक प्रक्रियाएं वायुमंडल में ऑक्सीजन छोड़ती हैं।

ऑक्सीजन चक्र के महत्व:

  • ऑक्सीजन चक्र पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक है क्योंकि यह श्वसन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन प्रदान करता है।
  • ऑक्सीजन चक्र वायुमंडल में ऑक्सीजन के स्तर को नियंत्रित करता है, जो जलवायु और मौसम को प्रभावित करता है।
  • ऑक्सीजन चक्र कार्बन चक्र से जुड़ा हुआ है। प्रकाश संश्लेषण के दौरान, वनस्पतियां वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करती हैं और ऑक्सीजन छोड़ती हैं। श्वसन के दौरान, जीवित चीजें ऑक्सीजन का उपयोग करती हैं और कार्बन डाइऑक्साइड को छोड़ती हैं।

ऑक्सीजन चक्र को प्रभावित करने वाले कारक:

  • मानवीय गतिविधियां, जैसे कि जीवाश्म ईंधन का जलना, वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर को बढ़ा रही हैं। यह ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन में योगदान देता है।
  • वनों की कटाई वायुमंडल में ऑक्सीजन के स्तर को कम कर रही है।
  • प्रदूषण वायुमंडल में ऑक्सीजन के स्तर को कम कर रहा है।

ऑक्सीजन चक्र को संरक्षित करने के तरीके:

  • जीवाश्म ईंधन के उपयोग को कम करना
  • वनों की कटाई को रोकना
  • प्रदूषण को कम करना

फास्फोरस चक्र

फास्फोरस चक्र वह मार्ग है जिसके द्वारा फास्फोरस परमाणु चट्टानों, मिट्टी, पानी और जीवित चीजों के बीच घूमते हैं। फास्फोरस जीवों के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है, जिसका उपयोग डीएनए, आरएनए और एटीपी बनाने के लिए किया जाता है। चट्टानों का अपक्षय फास्फोरस को मिट्टी में छोड़ता है। पौधे मिट्टी से फास्फोरस को अवशोषित करते हैं। जानवर भोजन खाने से फास्फोरस प्राप्त करते हैं। मृत पौधों और जानवरों के अपघटन से फास्फोरस मिट्टी में वापस आ जाता है।