गुरुत्वाकर्षण (Gravitation)

गुरुत्वाकर्षण पदार्थों द्वारा एक दूसरे की ओर आकर्षित होने की प्रवृत्ति है। यह ब्रह्मांड में चार मौलिक बलों में से एक है। गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही हम पृथ्वी पर बंधे हुए हैं और ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं। गुरुत्वाकर्षण बल दो वस्तुओं के द्रव्यमान और उनके बीच की दूरी पर निर्भर करता है।

न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत बताता है कि :

  • दो वस्तुओं के बीच गुरुत्वाकर्षण बल उनके द्रव्यमान के गुणनफल के समानुपाती होता है।
  • दो वस्तुओं के बीच गुरुत्वाकर्षण बल उनके केंद्रों के बीच की दूरी के वर्ग के व्यस्तुपाती होता है।

$$F = G \frac{m_1 m_2}{r^2}$$

गुरुत्वाकर्षण स्थितिज ऊर्जा

द्रव्यमान m के पिंड की गुरुत्वाकर्षण स्थितिज ऊर्जा निम्न सूत्र द्वारा दी जाती है $$ U = \frac{GMm} {r} $$ जहां, M पृथ्वी का द्रव्यमान है तथा r, M और m के बीच की दूरी है और r> R ।


पलायन वेग (Escape speed)

पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकलने के लिए 11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड की गति की आवश्यकता पड़ती है जिसे पलायन वेग (Escape speed) कहा जाता है। पृथ्वी सतह से पलायन चाल निम्नलिखित सूत्र से दी जाती है $$v_e = \sqrt \frac{2GM}{R}$$ जहां, M= पृथ्वी का द्रव्यमान R= पृथ्वी की त्रिज्या G= गुरुत्वीय सार्वत्रिक नियतांक

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